गांव किलोहड़द स्थित भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) परिसर में हथियार के बल पर डकैती डालने के मामले से स्पेशल एंटी गैंगस्टर यूनिट ने पर्दा उठा दिया है। टीम ने मामले में तीन आरोपियों उत्तर प्रदेश के जिला आजमगढ़ के गांव डूबरा निवासी राजू, गांव खुरसूखास निवासी रितिक रोशन और गांव सराय मोहन निवासी मनीष को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को रिमांड पर लिया जाएगा। एसीपी क्राइम राजपाल ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि 24 जनवरी को मूलरूप से पंजाब के होशियारपुर के गांव सोहरा हॉल सेक्टर-23 सोनीपत निवासी राकेश डोगरा ने सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि वह आईआईआईटी कैंपस में प्रोजेक्ट प्रोक्योरमेंट मैनेजर है। आईआईआईटी कैंपस में भवन निर्माण का कार्य चल रहा है, जिसके लिए अलग-अलग स्टोर बनाए गए हैं। शुक्रवार देर रात छह हथियारबंद बदमाशों ने कैंपस में घुसकर ड्यूटी पर तैनात चौकीदार विजेंद्र, कैलाश, आजाद, जयवीर और रोशन हथियार के बल पर काबू कर करीब 10 लाख के तार लूट लिए थे। सुबह चालक गुलशन के कैंपस में पहुंचने पर डाका डालने का पता लगा था। सभी चौकीदार रस्सी से बंधे मिले थे और उनके मुंह पर टेप लगी थी। मामले की जांच के लिए स्पेशल एंटी गैंगस्टर यूनिट की टीम को भी लगाया था। टीम को सूचना मिली कि वारदात को अंजाम देने के तीन आरोपी गांव नांगल कलां के पास टीडीआई सिटी के पास मौजूद है। जिस पर टीम ने तीनों को दबोच लिया। तीनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। नौकरी के लिए आए तीनों, साथियों को बुलाकर डाला डाका पुलिस जांच में सामने आया है कि तीनों आरोपी वारदात से तीन दिन पहले ही कैंपस में इलेक्ट्रिशियन की नौकरी के लिए आए थे। यहां काम करते समय लालच आ गया और अपने साथियों को आजमगढ़ से बुलाकर डाका डालने की वारदात को अंजाम दिया।