सोनीपत। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर जिला इकाई की ओर से भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध किया गया। छोटूराम धर्मशाला से लेकर लघु सचिवालय तक जुलूस निकाला गया। पुलिस लाइन के सामने प्रधानमंत्री व अमेरिकी राष्ट्रपति का पुतला जलाया। उसके बाद तहसीलदार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। जिला कमेटी के सदस्य ईश्वर सिंह राठी ने कहा कि 28 जुलाई को दिल्ली में संयुक्त किसान मोर्चा का राष्ट्रीय सम्मेलन होगा और इसके बाद 29 जुलाई को संयुक्त किसान मोर्चा और केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की ओर से विशाल सम्मेलन तालकटोरा स्टेडियम में होगा जिसमें किसान और मजदूर एकजुट होकर आंदोलन की तैयारी की जाएगी। ईश्वर सिंह राठी ने कहा कि यदि भारत-अमेरिका के बीच यह व्यापारिक समझौता लागू हुआ तो इसका सबसे अधिक नुकसान किसानों और आम जनता को उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह समझौता देश के कृषि क्षेत्र, विशेषकर अनाज, दलहन और डेयरी उत्पादकों के लिए गंभीर संकट पैदा करेगा। जब तक व्यापारिक समझौते को रद्द नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। श्रद्धानंद साेलंकी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार बड़े पूंजीपतियों के हितों और अमेरिका के दबाव में इस समझौते को अंतिम रूप देना चाहती है। उनका कहना था कि इससे किसानों की आय प्रभावित होगी और वे आर्थिक संकट की ओर धकेले जाएंगे। साथ ही, रोजगार के अवसर भी कम होंगे, जिससे पहले से बेरोजगारी का सामना कर रहे युवाओं की समस्याएं और बढ़ जाएंगी।वक्ताओं ने कहा कि देश में पहले ही बेरोजगारी और पेपर लीक जैसी घटनाओं से युवा परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन मुद्दों पर उठ रही जनआवाज को दबाने के लिए सरकार पुलिस और अन्य माध्यमों का सहारा ले रही है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने लोगों से इन मुद्दों पर एकजुट होकर आंदोलन तेज करने का आह्वान किया। इस दौरान हंसराज राणा, जयकरण दहिया, रामनिवास राणा, करण सिंह, भगत सिंह, वजीर सिंह, इंदर सिंह, बलबीर सिंह, सिलक राम मलिक, हरि प्रकाश मौजूद रहे।