क्षतिपूर्ति पोर्टल पर फसल खराबा में गलत रिपोर्ट के मामले में निलंबित पटवारियों के समर्थन में जिलेभर के पटवारी व कानूनगो ने सरकार के खिलाफ रोष जताया। दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के सदस्य लघु सचिवालय में एकत्रित हुए और नगराधीश डॉ. अनमोल को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर निलंबित किए गए पटवारियों की बहाली की मांग उठाई। साथ ही चेतावनी दी कि अगर 14 दिन में सरकार ने पटवारियों को बहाल नहीं किया तो राज्य कार्यकारिणी की बैठक बुलाकर आगामी निर्णय लिया जाएगा। एसोसिएशन के राज्य महासचिव सन्नी दहिया ने बताया कि खरीफ सीजन में फसल खराबा के लिए 6395 गांव के 529199 किसानों ने 31 लाख 234 एकड़ जमीन के लिए पंजीकरण किया था। इसका सत्यापन करने के लि ए 1400 पटवारियों को 20 दिन का समय दिया गया। उसके बार 25 फीसदी रकबा तहसीलदार, एसडीएम, जिला राजस्व अधिकारी, नगराधीश व आयुक्त ने सत्यापन किया। जब पटवारी के सत्यापन की पड़ताल उच्च अधिकारियों ने भी की तो अकेले पटवारी को निलंबित करना गलत है। पड़ताल करने वाले अधिकारियों को बचाने का काम किया गया है। जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 31 लाख एकड़ में फसल खराबा रजिस्ट्रेशन के बाद भी बोए गए रकबा से भी ज्यादा धान प्रदेश की मंडियों में बिक गया। पंजीकरण कराने वाले किसानों ने धान मंडियों में बेचा और मार्केट कमेटी ने किसानों को गेटपास जारी किए। आढ़तियों व मिलर्स ने किसानों का धान खरीदा। पटवारियों को बिना किसी औचित्य के कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही पटवारियों को बहाल नहीं किया तो 14 दिन बाद बैठक करके आगामी निर्णय लिया जाएगा। इस दौरान पटवारी अनिल, मनीष, सुधीर, अनुज, कानूनगो राजेश मलिक, जगदीश व रामदास भी मौजूद रहे।