विश्व अंगदान दिवस पर समाज कल्याण शिक्षा समिति की ओर से गांव रायपुर के बैंकेट हॉल में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम मां भारती जनसेवा चैरिटेबल ट्रस्ट व वर्मा लैब के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। सभी को अंगदान के महत्व को समझाकर जरूरतमंदों के जीवन को बचाने के लिए प्रेरित किया गया। एसआई जगत सिंह ने बताया कि मरणोपरांत सभी को अपने नेत्रों का दान अवश्य करना चाहिए, ताकि हमारे जाने के बाद भी किसी अन्य के शरीर से हम इस दुनिया को देखते रहे। एक व्यक्ति की दान की गई आंखें 2 दृष्टिहीनाें की जिंदगी में प्रकाश कर सकती हैं। प्रधान आनंद कुमार ने कहा कि विश्व अंगदान दिवस के तहत संस्था वर्ष 2008 से लोगाें को अंगदान का महत्व समझाकर दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए अभियान चलाकर जागरूकता कर रही है। अंगदान ऐसा कार्य है, जिससे हम दूसरों की जिंदगी बचाकर उनके जीवन को नया अर्थ दे सकते हैं। संस्थान की ओर से अब तक मरणोपरांत 28 लोगाें का विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में शरीर दान करवाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि अंगदान के माध्यम से हम किडनी, लीवर, हृदय, फेफड़े, आंखें व त्वचा जैसे महत्वपूर्ण अंगों को दान कर सकते हैं, ताकि जरूरतमंदों को मदद मिल सके।