वृंदावन धाम से पुराण मनीषी कौशिक महाराज ने कहा कि मोरारी बापू प्रवचन में कहते है, इंसान बनकर कमाओ व धनवान बनकर खर्च करना सीखो। इससे आपकी संपत्ति का कभी दुरुपयोग नहीं होगा। यूं तो जीवन के हर एक क्षण का मोल है, लेकिन जो क्षण भजन में लग जाए, वह अनमोल बन जाता है। कौशिक महाराज सेक्टर-14 स्थित महाराजा अग्रसेन भवन में दी महाराजा अग्रसेन समाज कल्याण सेवा समिति की ओर से आयोजित तीन दिवसीय श्रीराम चरित मानस कथा के दूसरे दिन प्रवचन कर रहे थे। कथा में वृंदावन धाम से पुराण मनीषी कौशिक महाराज ने श्रीराम चरित मानस अयोध्या कांड का व्याख्यान किया। पुराण मनीषी कौशिक महाराज ने कहा कि लक्ष्मण का पर्याय होता है कि किसी लक्ष्य का भेंद करे। लक्ष्मण वह हैं, जिनकी घर वाली उर्मिला थी। उनकी जिंदगी में माता उर्मिला ने बहुत बड़ा योगदान है। वह वो भारतीय नारी हैं, जो 14 वर्ष वनवास के दौरान एक सेकेंड के लिए सोई नहीं। पति का समर्थन नींद खोकर, अन्न-पानी त्याग कर किया जाए तो वह सस्ता है। नारी के लिए इस मृत्युलोक में पति से बढ़कर कुछ हुआ नहीं और कुछ होने वाला नहीं। उन्होंने कहा कि पत्नी अर्थात नारी एक पुरुष की जरूरत है। मनुष्य रूपी जीवन को अनमोल बनाने के लिए श्रीराम चरित मानस का श्रवण करना चाहिए। कथा में समिति के प्रधान टीकाराम मित्तल, उप प्रधान संजय सिंगला, पवन अग्रवाल, संस्थापक ओडी गर्ग, महामंत्री विकास मंगला, संगठन मंत्री हरिकिशन मित्तल, मंत्री अधिवक्ता अरविंद मित्तल, कोषाध्यक्ष अशोक गर्ग व आरके कुच्छल मौजूद रहे।