जिले में लगातार दूसरे दिन घने कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित किया। हवा की गति बेहद धीमी रहने के कारण देर रात से ही कोहरे का हल्का असर दिखने लगा था, जो तडक़े और अधिक घना हो गया। हालात यह रहे कि सुबह दृश्यता घटकर मात्र पांच मीटर तक रह गई। कम दृश्यता के चलते वाहन चालकों को एक-दूसरे के पीछे बेहद धीमी गति से चलना पड़ा। सुबह नौ बजे तक भी राहत नहीं मिल सकी थी। कोहरे का सबसे ज्यादा असर हाईवे पर देखने को मिला। नेशनल हाईवे-44, कुंडली-पलवल-मानेसर एक्सप्रेस-वे, कुंडली-गाजियाबाद-पलवल पेरिफेरव-वे पर वाहन कतार में चल रहे हैं। दृश्यता शून्य होने के कारण कई वाहन चालकों ने सुरक्षा के मद्देनजर अपनी गाडिय़ां सडक़ किनारे रोक दीं और कोहरा छंटने का इंतजार करते दिखे। इससे कुछ स्थानों पर वाहनों की कतारें भी लग गईं। छुट्टी का दिन होने के चलते बाहर जाने वाले लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। डीसीपी ट्रैफिक नरेंद्र कादियान ने वाहन चालकों को सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है।