भारतीय किसान नौजवान यूनियन व अन्य किसान संगठनों ने वीरवार को किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सहित 12 सूत्री मांगों और किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के आमरण अनशन के समर्थन में लघु सचिवालय में धरना दिया। इस दौरान उन्होंने भूख हड़ताल रखी और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। यूनियन के जिला प्रधान वीरेंद्र शामड़ी ने कहा कि किसान 13 फरवरी से अनेक मुद्दे पर आंदोलन कर रहे है। सरकार की नीति है कि इस आंदोलन को केवल पंजाब तक सीमित रखा जाए, लेकिन हरियाणा के किसान भी पंजाब के साथ है। सरकार की ओर से किसानों को बरगलाया जा रहा है। केंद्र सरकार ने एमएसपी पर कानूनी गारंटी देने का आश्वासन देकर पिछला किसान आंदोलन स्थगित करा दिया था। इस बार किसान हक न मिलने तक आंदोलन को स्थगित नहीं करेंगे। खरखौदा ब्लॉक प्रधान वेद प्रकाश ने कहा कि किसानों की एमएसपी सहित सभी मांगों को पूरा करें। किसानों ने इससे पहले 9 दिसंबर को सेक्टर-15 में सांसद आवास के बाहर धरना दिया था। उसकी बाद भी सरकार की ओर से किसानों की सुनवाई नहीं की जा रही है। किसान एमएसपी सहित सभी मांगों को लागू करवाकर रहे। युवा जिला प्रधान प्रवीन दहिया ने कहा कि किसान 10 माह से शंभू, खनौरी व रतनपुरा बॉर्डर पर धरना दे रहे है। किसानों को मंडियों ने उनकी फसलों के सही दाम नहीं मिल रहे है। उन्हें औने-पौने दामों में अपने फसलें बेचनी पड़ रही है। दिल्ली कूच करने पर किसानों को घर में ही नजरबंद कर दिया जाता है। यूनियन के पदाधिकारियों के आदेश के बाद किसान दिल्ली कूच करने से पीछे नहीं हटेंगे। उनकी मांग है कि जल्द किसानों की लंबित मांगों को समय रहते लागू किया जाए, अन्यथा हरियाणा के किसान पंजाब के किसानों के समर्थन में बड़ा आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे।