देशभर में लागू किए गए चार लेबर कोड के विरोध में केंद्रीय ट्रेड यूनियन व कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर कार्यकर्ताओं ने शहर में जुलूस निकाला। लघु सचिवालय के गेट पर पहुंचकर श्रम संहिता की प्रतियां जलाई और नायब तहसीलदार को प्रधानमंत्री के नाम अपना ज्ञापन सौंपा। इससे पहले कार्यकर्ता गोहाना रोड स्थित पंचायत भवन में एकत्रित हुए। क\मरेड श्रद्धानंद सोलंकी व ईश्वर सिंह राठी ने कहा कि सरकार ने चार लेबर कोड लाकर 29 श्रम कानून को खत्म कर दिया गया है। सरकार ने यह फैसला देश और दुनिया के पूंजीपतियों के हित में लिया है। श्रम कानूनों में मजदूरों को जो मामूली राहत मिल जाती थी। 21 नवंबर को श्रम संहिता लागू करके उनको भी समाप्त कर दिया गया है। यह श्रम संहिताएं लॉकडाउन के दौरान धोखे से पास कराई गई थी। ट्रेड यूनियनों के बार-बार विरोध करने, अनेक आंदोलनों से सरकार लागू करने से बच रही थी। बिहार चुनाव संपन्न होने के बाद इसके 21 नवंबर से लागू करने का निर्णय लिया है। इससे मजदूर वर्ग में आक्रोश है। इस दौरान एआईयूटीसी, सीआईटीयू, इंटक, एसकेएम के नेता शामिल हुए। हरिप्रकाश, शीलकराम मलिक, ऋतुराज, देशराज, छवि व शिवकुमार ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इन चार लेबर कोड को वापस नहीं किया तो देश में बड़ा आंदोलन होगा। सरकार को चार लेबर कोड वापस लेने के लिए मजबूर कर दिया जाएगा।