जिले में मंगलवार रात से ही घना कोहरा बूंदों की तरह बरसता, जिसने बुधवार सुबह भी जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। कोहरे की वजह से रातभर वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और सुबह तक हालात जस के तस बने रहे। सुबह दस बजे तक भी कोहरे से कोई खास राहत नहीं मिल सकी, जिससे स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों और ड्यूटी पर निकलने वाले नौकरीपेशा लोगों की परेशानी बढ़ गई। कोहरे का असर इतना अधिक रहा कि सुबह सात बजे तक दृश्यता मात्र पांच मीटर रह गई। आठ बजे तक यह बढकऱ 20 मीटर और दस बजे तक करीब 50 मीटर तक ही पहुंच सकी। सीमित दृश्यता के कारण हाईवे और प्रमुख सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थमी रही। हादसों से बचने के लिए वाहन चालक कतार में चलते नजर आए, वहीं कई जगहों पर यातायात बेहद धीमा हो गया। रात से ही घना कोहरा छाए रहने के कारण खासतौर पर हाईवे पर चलने वाले भारी वाहनों के चालकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी। कोहरे की वजह से कई स्थानों पर वाहन चालकों ने साइड लाइट और फॉग लैंप जलाकर सफर किया। सुबह के समय स्कूल बसों और दोपहिया वाहन चालकों को भी अधिक सावधानी के साथ निकलना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत में ठंडी हवा और नमी के कारण कोहरे की तीव्रता बढ़ी है। प्रशासन की ओर से रात के समय वाहन चालकों को सावधानी बरतने, तेज गति से वाहन न चलाने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह जारी की गई है। लगातार छा रहा कोहरा फिलहाल लोगों के लिए मुसीबत बना हुआ है।