महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) में महिला प्रोफेसर के उत्पीड़न और शोषण के आरोपों ने तूल पकड़ लिया है। रविवार को छात्र संगठनों ने संयुक्त रूप से कुलपति कार्यालय और आवास के मुख्य द्वार पर जोरदार प्रदर्शन किया। छात्र नेताओं ने मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एक उच्च स्तरीय जांच एजेंसी से इस पूरे प्रकरण की जांच कराई जाए ताकि न्याय प्रक्रिया प्रभावित न हो सके। नेशनल स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (एनएसओ) और डॉ. अंबेडकर मिशनरीज विद्यार्थी एसोसिएशन (एएमवीए) के नेतृत्व में छात्रों ने विवि प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एनएसओ अध्यक्ष सुधीर कुमार सहारन ने कहा कि यह मामला एक साधारण शिक्षक पर नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय के कुलपति पर लगा है। उन्होंने नारी सम्मान की रक्षा के लिए एक तय समय सीमा के भीतर निष्पक्ष जांच की मांग की है। एएमवीए अध्यक्ष विक्रम सिंह डुमोलिया ने कहा कि कुलपति पर ऐसे गंभीर आरोप लगना विश्वविद्यालय के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मामले में राजनीति नहीं होनी चाहिए और पीड़ित महिला शिक्षक को न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो छात्र संगठन सरकार को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग करेंगे। छात्र संगठनों ने कहा कि वे जल्द ही एक संयुक्त बैठक कर आगामी रणनीति तैयार करेंगे ताकि विश्वविद्यालय की गरिमा को और ठेस न पहुंचे। इस अवसर पर सोनू, सागर, विकास, अजय, कपिल, अनुज, सचिन, पवन, मुकुल राठी, विजय कुमार, दीपक और अन्य छात्र मौजूद रहे।