राज्य स्तरीय हड़ताल के चौथे दिन गुरुवार को कलानौर नागरिक अस्पताल में मेडिकल ऑफिसरों की अनुपस्थिति का सीधा असर मरीजों पर दिखा। सामान्य दिनों की तरह न तो OPD सेवाएं सुचारू रहीं और न ही इमरजेंसी, जिसके चलते इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अस्पताल में तैनात कुल 11 मेडिकल ऑफिसरों में से 9 डॉक्टर हड़ताल पर रहने के कारण अस्पताल का संचालन लगभग ठप रहा और व्यवस्था पूरी तरह आयुर्वेदिक चिकित्सकों के भरोसे चलती रही। वहीं एसएमओ डॉ संजीव मलिक व डॉ कमला वर्मा ने मरीजों की जांच कर ओपीडी सम्हाली। वहीं डॉ की हड़ताल को देखते हुए नागरिक हस्पताल कलानौर में पहले की भांति भीड़ सामान्य रही। हड़ताल पर बैठे डॉक्टरों का कहना है कि उनका ये कदम मरीजों के खिलाफ नहीं, बल्कि सरकार द्वारा किए गए अधूरे वादों के विरोध में है। चिकित्सकों ने बताया कि पिछले वर्ष सरकार ने लिखित रूप से आश्वासन दिया था कि वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (एसएमओ) के पदों पर सीधी भर्ती बंद की जाएगी और सभी पद पदोन्नति के आधार पर भरे जाएंगे। साथ ही सेवा नियमों में संशोधन का भी वादा किया गया था, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए। डॉक्टरों के अनुसार प्रदेशभर में 644 स्वीकृत पदों में से लगभग 200 पद आज भी खाली पड़े हैं। सेवा नियमों में संशोधन लंबित रहने से कई पदों पर भर्ती अटकी हुई है, जिसका सीधा असर अस्पतालों में स्टाफ की कमी और मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है।