अनाज मंडी में रविवार को आयोजित समरसता सम्मेलन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विभिन्न परीक्षाओं और खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 411 विद्यार्थियों और खिलाड़ियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मेलन केवल सम्मान समारोह नहीं, बल्कि हरियाणा की बदलती सामाजिक चेतना का उत्सव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उस विश्वास का उत्सव है कि प्रतिभा किसी जाति की मोहताज नहीं होती और अवसर किसी भेदभाव का मोहताज नहीं। शिक्षा, प्रतिभा, परिश्रम और सामाजिक समरसता का संगम आज हरियाणा में दिखाई दे रहा है। किसी समाज की सच्ची प्रगति तभी है, जब गरीब का बच्चा भी बड़े सपने देखे। बेटी की पहचान उसकी प्रतिभा से और युवा की पहचान योग्यता व मेहनत से होनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों, खिलाड़ियों, माता-पिता और गुरुजनों को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने हरियाणा राज्य अनुसूचित जाति आयोग का गठन किया है। आयुष्मान भारत और चिरायु हरियाणा योजना के माध्यम से 37 लाख से अधिक मरीजों का उपचार किया गया है। लाडो लक्ष्मी योजना के तहत अब तक 2042 करोड़ रुपये माताओं-बहनों के खातों में पहुंचाए गए हैं। उन्होंने कहा कि सशक्तीकरण का अर्थ केवल सहायता देना नहीं, बल्कि आर्थिक आत्मनिर्भरता का रास्ता खोलना भी है। अनुसूचित जाति के लोगों के लिए कानूनी सहायता योजना की राशि बढ़ाकर 22 हजार रुपये की गई है। किसानों को बायोगैस प्लांट और बैटरी चालित स्प्रे पंप पर सब्सिडी दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े 11 वर्षों में बिना खर्ची-बिना पर्ची के करीब दो लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से मिलकर विकसित हरियाणा और विकसित भारत बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर उन्होंने मेघवाल उत्थान समिति को 31 लाख रुपये देने की घोषणा भी की।