इस बार नवरात्र 19 से 27 मार्च तक पूरे नौ दिन के रहेंगे और माता पालकी पर सवार होकर आएगी। शुभ मुहूर्त में वीरवार को घट स्थापना की जाएगी। नवरात्र के लिए शहर समेत जिले के देवी मंदिर फूलों व रंग-बिरंगी लाइटों से सज चुके हैं। प्राचीन देवी मंदिर में माता के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं के लिए लाइन की व्यवस्था की गई है और सुबह-शाम भजन-कीर्तन कार्यक्रम के बाद माता की आरती की जाएगी। हर रोज माता का श्रृंगार कोलकाता से आए ताजा करीब आठ प्रकार के फूलों से किया जाएगा। पंडित प्रवीन शास्त्री ने बताया कि 19 मार्च वीरवार को सुबह 06:52 से 09:44 तक शुभ मुहूर्त में घट स्थापना की जाएगी। इस बार माता पालकी पर सवार होकर आएंगी। इससे देश में प्रकृति व सामाजिक हलचल बढ़ेंगी। माता का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए इस बार श्रद्धालुओं को ज्यादा संघर्ष करना पड़ेगा। श्रद्धालुओं को इस बार ज्यादा से ज्यादा दुर्गा सप्तमी का पाठ करना चाहिए और निष्ठा व प्रेमभाव से माता का गुणगान करना होगा ताकि माता प्रसन्न हो सके। 27 मार्च को नवमी मनाई जाएगी। देवी मंदिर के आचार्य लालमणि पांडेय ने बताया कि हर रोज माता का सुबह करीब आठ प्रकार के ताजा फूलों से श्रृंगार किया जाएगा। फूलों की व्यवस्था हो चुकी है। कोलकाता से हर रोज कई क्विंटल फूल आएंगे और सुबह भजन-कीर्तन, आरती से पहले माता का श्रृंगार किया जाएगा। मंदिर में सुबह पांच से दोपहर एक बजे तक और दोपहर बाद तीन से रात दस बजे तक मंदिर खुला रहेगा। पहले माता का भजन-कीर्तन कार्यक्रम होगा उसके बाद माता की आरती की जाएगी। मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए लाइन की व्यवस्था की गई है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो और वे अच्छे से माता के दर्शन कर पूजा कर सकें।