पहाड़ों में बर्फबारी शुरू होने से मैदानी इलाकों में पाला पड़ना शुरू हो गया है। वीरवार को पहले दिन जमकर पाला पड़ा। इसके साथ न्यूनतम तापमान सात डिग्री तक आ गया है। अगले दो दिनाें में न्यूनतम तापमान और भी कम होने का अनुमान है। मौसम विशेषज्ञों ने इसके संकेत भी दिए हैं। वहीं कृषि विशेषज्ञों ने पाला गेहूं की फसल के लिए लाभदायक बताया है। वीरवार अल सुबह ही पाला गिरना शुरू हो गया। सुबह छह बजे ही घास और पराली के ढेर पर पारा जमा मिला। कई जगह दूर-दूर तक पाले की सफेद चादर बिछी हुई थी। जिसके चलते ठंड एक साथ बढ़ गई। हवा की तेज रफ्तार 14 किलोमीटर प्रति घंटा रही। वीरवार काे अधिकतम तापमान 21 और न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। न्यूनतम तापमान के लगातार कम होने का मुख्य कारण हवा की तेज रफ्तार के साथ पहाड़ी इलाकों पड़ रही बर्फबारी भी है। मैदानी क्षेत्रों में बढ़ती ठंड के बाद अब धुंध व कोहरा भी पड़ना शुरू हो जाएगा। बढ़ती ठंड के कारण लोगों ने पूरा दिन गर्म कपड़े पहनने शुरू कर दिए हैं। तहसील कैंप निवासी रजनी गुप्ता ने बताया कि पिछले चार दिन से ठंड ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। पूरा दिन ठंड के कारण हाथ-पैर ठिठुरते रहते हैं। वीरवार सुबह पाला पड़ने से ठंड और बढ़ गई है। इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि अगले कई दिनों ठंड और अधिक होगी। किसानों को उत्पादन बढ़ने की उम्मीद बढ़ती ठंड से गेहूं उत्पादकों के चेहरे खिले हुए हैं। जितनी ठंड बढ़ेगी उतनी ही गेहूं की पैदावार बढ़ेगी। इसराना निवासी किसान प्रदीप कुमार ने बताया कि बढ़ती ठंड गेंहू पैदावार के लिए अधिक लाभकारी सिद्ध होगी। जितनी ठंड बढ़ेगी उतनी ही गेहूं की पैदावार अधिक होगी। कृषि विज्ञान केंद्र उझा के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. राजबीर गर्ग ने बताया कि पहाड़ों में बर्फबारी शुरू होते ही मैदानी इलाकों में कोहरे की ठंड पड़नी शुरू हो गई है। इस साल पिछले साल की अपेक्षा अधिक ठंड होगी। लोगों को अपने स्वास्थ्य का अधिक ख्याल रखना चाहिए ताकि स्वास्थ्य हानि से बचा जा सके।