एसडी स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सेमिनार हॉल में रविवार को अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (महाविद्यालय शिक्षा) की प्रांतीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में प्रदेशभर के एक दर्जन से अधिक महाविद्यालयों से 30 से अधिक शिक्षक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में प्रांत अध्यक्ष डॉ. पुष्पदीप डागर, अध्यक्ष व मुख्य वक्ता रहे। बैठक के दौरान उपस्थित शिक्षक प्रतिनिधियों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, शिक्षकों की समस्याओं, विशेष तौर पर राजकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के शिक्षकों की समस्याओं तथा शिक्षा व समाज से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। बैठक में संगठन के पूर्णकालिक सदस्य डॉ. नरेश सैनी ने स्वतंत्रता के पश्चात राजकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के हरियाणा में शिक्षा के योगदान के विषय में प्रकाश डाला। आर्य महाविद्यालय से प्रांत कार्यकारिणी सदस्य डॉ. बलकार सिंह ने शिक्षकों की गरिमा और समाज के उत्थान में उनके योगदान के बारे में चर्चा की। उन्होंने कहा कि अच्छे सुसंस्कारित समाज के निर्माण में शिक्षक की बहुत बड़ी भूमिका होती है। आरकेएसडी कॉलेज कैथल से डॉ. बिजेंद्र सिंह ने राजकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के शिक्षकों व गैर शिक्षक कर्मचारियों की कठिनाइयों पर अपने विचार रखें और बताया कि उनको अभी छठे वेतनमान के अनुसार ही मकान किराया भत्ता मिल रहा है। उसको अभी तक संशोधित नही किया गया है। साथ ही, 2006 के बाद नियुक्ति वाले सभी शिक्षकों को ग्रेच्युटी का लाभ भी देय नहीं है। सरकार ने कच्चे पक्के सभी कर्मचारियों के साथ-साथ सभी नागरिकों को आयुष्मान योजना के अंतर्गत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई हुई है, लेकिन सहायता प्राप्त कॉलेजों के सभी शिक्षक व गैर शिक्षक कर्मचारियों को किसी भी सुविधा का लाभ अभी तक नहीं मिला है।