पंचकूला। सेक्टर 6 स्थित मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल (एमसीएच) में ओपीडी शुरू होने के छह महीने बाद अब गायनी और पीडियाट्रिक वार्डों के मरीजों की नए वार्डों में शिफ्टिंग का सिलसिला कल रात से जारी है। रात के समय एमसीएच में शिफ्टिंग के दौरान ऑक्सीजन सिलेंडर के ह्यूमिडिफायर चेंबर में ब्लॉस्ट हुआ था। इसके कुछ समय पहले ब्लॉक डी में चल रहे इलेक्ट्रिकल वर्क के दौरान एसी प्लांट का मेन पाइप लाइन फट गया, जिससे कई वार्डों में एसी बंद हो गए और मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी। इसी बीच चाइल्ड वार्ड में उपचाराधीन 13 बच्चों को नए वार्डों में शिफ्ट करना पड़ा। शुक्रवार को निकू वार्ड को भी ब्लॉक डी से एमसीएच में शिफ्ट करने की तैयारी शुरू हो गई। सामान को नई बिल्डिंग में शिफ्ट किया जा रहा था। निकू वार्ड में अभी 26 बच्चे वार्ड में दाखिल हैं। उधर, पहली मंजिल पर स्थित गायनी वार्ड को एमसीएच की पांचवीं मंजिल पर शिफ्ट किया जा रहा है। नए मरीजों को टेस्ट और दवाइयों के लिए पुरानी बिल्डिंग में भेजा जा रहा है।गायनी वार्ड शिफ्टिंग में अधूरी तैयारियां गुरुवार शाम से गायनी की मरीजों को शिफ्ट करने का सिलसिला जारी है। वार्ड में बेड तैयार किए जा रहे हैं और ऑपरेशन थिएटर शुरू करने की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। लेबर रूम और गायनी वार्ड एमसीएच की चौथी और पांचवीं मंजिल पर शिफ्ट किए जा रहे हैं, लेकिन अभी तक मरीजों के परिजनों के बैठने और वाटर कूलर का प्रबंध नहीं है। बताया जा रहा है कि अब तक 7 महिलाओं को शिफ्ट किया गया है और उनके परिजन ग्राउंड फ्लोर पर इंतजार कर रहे हैं। पुरानी बिल्डिंग के लेबर वार्ड में कई महिलाएं दाखिल हैं और वेटिंग एरिया में उनके तिमारदारों की भीड़ लगी है। गायनी वार्ड में आए मरीजों के परिजनों का कहना है कि शिफ्टिंग के कारण इलाज में देरी हो रही है। डॉक्टरों का चेकअप और दवाइयां समय पर मिल रही हैं, लेकिन नए वार्ड में जाने के बाद भी रिपोर्ट पुरानी बिल्डिंग से लाने को कहा जा रहा है।