जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग एवं जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन द्वारा “जल महोत्सव पखवाड़ा” के तहत जिला परिषद सभागार में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला सलाहकार मंगतुराम सरसवा ने की, जिसमें विभिन्न ग्राम पंचायतों के ग्राम जल एवं सीवरेज समिति सदस्यों ने भाग लिया। सरसवा ने कहा कि जल संरक्षण केवल गांव ही नहीं, पूरे देश का अभियान है और 22 मार्च विश्व जल दिवस तक इसे मनाया जाएगा। उन्होंने पंचायतों से नागरिकों को जागरूक करने और पेयजल प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने का आह्वान किया। एबी फेलो मणि प्रकाश ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल कनेक्शन दिया गया है, जिसकी निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करना पंचायतों की जिम्मेदारी है। बीआरसी अशोक कुमार व इंद्रजीत ने समितियों की भूमिका व कार्यों पर प्रकाश डाला, वहीं सहायक कमल ने जल गुणवत्ता जांच की विधि समझाई। कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधियों को नियमित बैठक, बैंक खाता संचालन और जल प्रबंधन के नियमों पर भी जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने कहा कि यदि समितियां सक्रिय रहकर कार्य करें तो जल संरक्षण के साथ गांव का सौंदर्य भी बेहतर होगा।