केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि मनेठी गांव में पहले एम्स बनाने की योजना बनी थी, इसकी फाइल ऊपर तक चली भी गई थी। लेकिन यह जमीन वन विभाग की होने से अड़चन शुरू हो गई थी। इस पर तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा यह तो गलत करवा दिया। यह एम्स तो ऐसी जगह पर बन ही नहीं सकती है जहां पर वन विभाग की जमीन है। उस दौरान माजरा गांव के लोगों ने कहा कि हम अपनी जमीन देंगे। उन लोगों को जमीन के बदले न केवल मुआवजा दिलवाया, बल्कि एससीओ के लिए उन किसानों को जगह दिलाकर उनके पोतों तक के लिए रोजगार का साधन बनाया। आगे कहा कि मुझे नहीं पता कि अन्य जगहों पर भी जिन किसानों की जमीन ली गई उन्हें रोजगार के लिए साधन उपलब्ध करवाए या नहीं लेकिन माजरा के किसानों को रोजगार का साधन जरूर दिलाया गया। यह बात बसीरपुर में बन रहे लॉजिस्टिक हब के लिए धरने पर बैठे किसानों से जोड़कर देखी जा रही है। जहां कम मुआवजा व रोजगार का साधन उपलब्ध नहीं होने पर किसान धरने पर बैठे हैं। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह वीरवार को गांव मंडलाना में शहीद जगमाल सिंह की प्रतिमा का अनावरण करने के लिए पहुंचे थे। इस मौके पर उन्होंने एक सभा को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि शहीदों के बलिदान को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता।