उपमंडल के वॉर्ड नंबर 3 स्थित ढोकलमल पार्क के मंदिर में चल रही 10 दिवसीय श्रीमद् शिव महापुराण कथा के तीसरे दिन शिव विवाह की कथा सुनाई। कथा वाचक आचार्य हेमराज भारद्वाज ने बताया कि आत्मा का परमात्मा से मिलन ही शिव में लीन हो जाना है। भगवान शंकर वैराग्य के देवता माने गये है। बाबजूद शिव ने विवाह कर गृहस्थ आश्रम में रहकर वैराग्य धर्म का अनुसरण करने का तरीका दिया। कथावाचक ने कहा कि शिव परिवार में भगवान का वाहन नंदी, मां पार्वती का शेर, गणेश भगवान का मूषक और कार्तिकेय का वाहन मोर है। सभी विपरीत विचारधारा के बीच सामंजस रखना शिव पुराण सिखाता है। उन्होनें भगवान के विवाह का वर्णन करते हुए कहा कि मैंना देवी व हिमालय राज की पुत्री के रूप में मां पार्वती जन्म लेकर भगवान शिव की घोर तपस्या की। उसी दौरान ताडकासुर के आतंक को खत्म करने के लिये शिव का तंद्रा भंग हुई। तब जाकर शिव का विवाह हुआ। यह 10 दिवसीय श्रीमद शिव महापुराण कथा 20 जुलाई तक चलेगी जिसका समय दोपहर 11 बजे से शाम 2 बजे तक रहेगा। इस दौरान सुशील कुमार, लाली पीटीआई महेंद्र कुमार, सरिता, आरती, संजू बाई, मुकेश देवी, सुशीला यादव, निर्मला, घनश्याम, तुलसी कुमारी, मंजू, रचना, मंजीता सहित अन्य मौजूद रही।