उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर मंडल में सिग्नल विभाग की कार्यप्रणाली को आधुनिक और डिजिटल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। पहले चरण में सिग्नल विभाग के कर्मचारियों को 100 हैंड-हेल्ड टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं। इन उपकरणों का उद्देश्य सिग्नलिंग परिसंपत्तियों के रखरखाव और प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाना तथा डेटा को रियल-टाइम में अपडेट करना है। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार इन टैबलेट का उपयोग सिग्नल विभाग के कर्मचारी सिग्नलिंग सिस्टम से जुड़े विभिन्न तकनीकी कार्यों और मेंटेनेंस गतिविधियों का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से दर्ज करने के लिए करेंगे। अब तक सिग्नलिंग उपकरणों के रखरखाव का रिकॉर्ड मुख्य रूप से कागजी पद्धति से रखा जाता था, लेकिन एसएमएमएस के माध्यम से यह प्रक्रिया अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध रहेगी। इससे रिकॉर्ड के संरक्षण, विश्लेषण और निगरानी में काफी सुविधा मिलेगी। फील्ड में कार्यरत कर्मचारियों को सिग्नलिंग परिसंपत्तियों से संबंधित डेटा रियल-टाइम में अपडेट करने और आवश्यक तकनीकी जानकारी तुरंत प्राप्त करने में मदद मिलेगी।