करनाल जिले के गांव बसताड़ा में स्थित राजीव गांधी खेल मैदान का कायाकल्प होने का इंतजार चार साल से जारी है। खेल मैदान की हालत इतनी खस्ता हो चुकी है कि ट्रैक से लेकर ग्राउंड तक जगह-जगह टूटे पड़े हैं। न तो ट्रैक की मरम्मत हुई और न ही मैदान को समतल किया गया। खिलाड़ियों के लिए बुनियादी सुविधाओं का अभाव खेल मैदान में न तो पीने के पानी की व्यवस्था है और न ही शौचालय उपयोग में आ सकते हैं। शौचालय बना तो हुआ है, लेकिन हमेशा ताले में बंद रहता है। खिलाड़ियों का कहना है कि वे अभ्यास के लिए आते हैं, लेकिन बेतरतीब मैदान और अव्यवस्था के कारण जल्द ही लौट जाते हैं। नशेड़ियों का अड्डा बनता जा रहा मैदान खिलाड़ियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, यह खेल मैदान अब नशेड़ियों का अड्डा बनता जा रहा है। शाम होते ही यहां नशा करने वाले लोग जमा हो जाते हैं और नशे का सामान खुले में फेंक जाते हैं। कई बार दिन के समय भी नशेड़ी यहां पहुंच जाते हैं और खिलाड़ियों को धमकाते हैं। बजट पास, लेकिन काम अधूरा खिलाड़ियों और ग्रामीणों का कहना है कि चार साल पहले खेल मैदान के कायाकल्प के लिए बजट पास किया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्य नहीं हुआ। खिलाड़ियों और स्थानीय लोगों की मांग खिलाड़ियों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द खेल मैदान की मरम्मत और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि युवा खिलाड़ी सुविधाजनक माहौल में अभ्यास कर सकें और मैदान को उसकी पुरानी गरिमा लौटाई जा सके।