करनाल स्थित अमर उजाला कार्यालय में आज प्राकृतिक खेती को लेकर किसानों के साथ एक विशेष संवाद आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में हरियाणा विज्ञान मंच के डॉ. राजेंद्र सिंह ने किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लाभ और उसके तरीकों पर विस्तार से जानकारी दी। डॉ. सिंह ने कहा कि आज के समय में प्राकृतिक खेती सिर्फ एक विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत बन चुकी है। रासायनिक खेती से न केवल इंसानों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है, बल्कि पर्यावरण भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने किसानों को जैविक खाद, गोबर खाद, जीवामृत और अन्य प्राकृतिक तरीकों से खेती करने के सुझाव दिए। संवाद कार्यक्रम में शामिल महिला एवं पुरुष किसानों ने प्राकृतिक खेती को लेकर अपनी जिज्ञासाएं साझा कीं और इस दिशा में आगे बढ़ने की इच्छा जताई। डॉ. राजेंद्र सिंह ने किसानों को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि सभी किसान मिलकर प्राकृतिक खेती को अपनाएं तो आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ पर्यावरण और बेहतर कृषि प्रणाली मिल सकती है।