25 जून 1975 का दिन इतिहास में काला दिन के तौर पर दर्ज है। उस समय प्रधानमंत्री रही इंदिरा गांधी ने देश पर जो इमरजेंसी थौंपी गई, जिसमें लाखों लोगों को रातोंरात जेल में डाला गया, यातनाएं दी गई।उचाना विधायक देवेंद्र अत्री बुधवार को पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उस समय अटल बिहारी वाजपेई, लालकृष्ण आडवाणी और सभी विपक्ष के नेताओं को रातोंरात जेल में डाला गया।इमरजेंसी के दौरान अनगिनत लोगों को जेल में बंद कर दिया गया। संविधान के चौथे स्तंभ प्रेस को भी बंद कर दिया गया। रातोंरात प्रेस के कनेक्शन काट दिए गए। कांग्रेस की तत्कालीन प्रधानमंत्री कार्यालय से जो भी लिखा आता था, बस वही छापना था। प्रेस को कुचला गया। अब इमरजेंसी पीड़ित परिवारों को सम्मानित करने के लिए तीन कार्यक्रम पंचकूला, रोहतक, फरीदाबाद में आयोजित किए जा रहे हैं।