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वोट चोरी के आरोपों पर शहर में इंडिया महागठबंधन का हल्लाबोल

जींद। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध और ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत वीरवार को इंडिया महागठबंधन के घटक दलों ने विरोध प्रदर्शन किया। रानी तालाब स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा से शुरू हुआ प्रदर्शन जुलूस के रूप में लघु सचिवालय पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतलों का दहन कर रोष जताया। प्रदर्शन की संयुक्त अध्यक्षता कामरेड प्रकाश चंद्र, कांग्रेस जिला प्रधान ऋषिपाल हैबतपुर और प्रेमचंद ने की। पूर्व मंत्री एवं झज्जर से कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने कहा कि विपक्ष चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर लगातार सवाल उठा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न हथकंडों के जरिए वोटों की चोरी की गई और कई प्रदेशों में सरकारें भी चोरी की गईं। उन्होंने कहा कि विपक्ष जब मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने का प्रयास करता है तो नेताओं और सांसदों को गिरफ्तार किया जाता है। उन्होंने दिल्ली में चल रहे आंदोलन का हवाला देते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित सांसदों की गिरफ्तारी से सरकार की घबराहट सामने आई है। भुक्कल ने कहा कि यह लड़ाई लोकतंत्र और मतदाता के अधिकारों की रक्षा के लिए है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हर हाल में इस्तीफा देना होगा और उनके खिलाफ संवैधानिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ता लघु सचिवालय परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास पहुंचे। नेताओं ने प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर पूर्व सांसद सुरेंद्र बरवाला, पूर्व विधायक सुभाष देसवाल, जगबीर सिंह ढिगाना, कमल चौहान, रणबीर भुसलाना, सत्तू ढांडा, दर्वेश पूनिया, बलबीर श्योरान, लाजवंती ढिल्लों, राजकुमारी, मंजीत दहिया, बाला शर्मा, महावीर दरोली, जेपी रूहील और ईशाक भट्टी मौजूद रहे।

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