धार्मिक दृष्टि से प्रति माह अमावस्या का विशेष महत्व होता है, लेकिन सोमवार को ज्येष्ठ माह की अमावस्या विशेष संयोग में आई। हालांकि इस बार अमावस्या को लेकर श्रद्धालुओं में संशय की स्थिति रही इसलिए सोमवार को सोमवती अमावस्या होते हुए भी बहुत कम श्रद्धालु स्नान के लिए पिंडारा तीर्थ पहुंचे। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार अमावस्या की तिथि मंगलवार तक रहेगी। सोमवार को श्रद्धालुओं ने सरोवर में स्नान किया तथा पिंडदान कर पितृ तर्पण किया और सुखद भविष्य की कामना की।