झज्जर मुठभेड़ मामले में गठित एसआईटी से मिलने के लिए शनिवार को घायल एएसआई प्रवीण के परिजन, मायना गांव के ग्रामीण औ सतगामा खाप के प्रधान लघु सचिवालय पहुंचे। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने एसआईटी टीम का नेतृत्व कर रही पुलिस आयुक्त ममता सिंह की जांच प्रक्रिया पर भरोसा जताया और निष्पक्ष व सख्त कार्रवाई की मांग की। मायना गांव के ग्रामीणों ने कहा कि वे कानून और प्रशासन पर विश्वास रखते हैं और उम्मीद करते हैं कि जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी। ग्रामीण महाबीर सिंह ने बताया कि एएसआई प्रवीण की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। इस घटना से न केवल उनके परिवार को बल्कि पूरे गांव को गहरा आघात पहुंचा है। उन्होंने कहा कि आरोपी ने खुलेआम कानून-व्यवस्था को चुनौती दी है। ऐसे व्यक्ति के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी गहनता से जांच की जानी चाहिए। वहीं, सतगामा गांव के प्रधान श्रीपाल ने कहा कि इस मामले में कुछ लोग जान-बुझकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं और खाप पंचायत को आगे करके समाज में गलत माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे भाई को गोली लगी है। उसके बावजूद हमें ही न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिजन और ग्रामीण किसी के बहकावे में नहीं आकर केवल न्याय की मांग को लेकर सामने आए हैं। वही, एसटीएफ की टीम भी इस मामले से जुड़े अहम पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। तकनीकी साक्ष्य, घटनास्थल से जुड़े तथ्य, आरोपियों की भूमिका और पृष्ठभूमि को खंगाला जा रहा है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि सरकार और एसटीएफ टीम की कार्रवाई से उन्हें जल्द न्याय मिलेगा और कानून-व्यवस्था पर जनता का विश्वास और मजबूत होगा।