संयुक्त किसान मोर्चा झज्जर ने सोमवार को झज्जर मंडी का दौरा कर प्रदर्शन किया। संगठन के सदस्यों ने अनाज मंडी में किसानों, आढ़तियों की एसोसिएशन के प्रधान विनोद गुलिया, पूर्व प्रधान चांद पहलवान और मार्केट कमेटी के सचिव व चेयरमैन से बैठक करते हुए खरीद का जायजा लिया। गेहूं खरीद में लागू किए गए नए नियमों का विरोध किया गया। जिला प्रधान सुरेंद्र सिवाच ने बताया कि सरकार किसानों की परेशानी को बढ़ाने की बजाय कम करे और किसान विरोधी नईं नियम वापिस ले अन्यथा किसान मंडी गेटों पर धरना प्रदर्शन को मजबूर होंगे। हरियाणा सरकार की तरफ से मंडियों में गेहूं खरीद के लिए लागू किए गए नए नियम ट्रैक्टर प्लेट का होना, पंजीकृत किसान का बायोमेट्रिक मिलान यानी अंगूठा लगवाना या आंखे स्कैन करना, गुणवत्ता का बहाना, फसल पंजीकरण नियम किसान विरोधी है। ये नियम किसानों की परेशानी को बढ़ाएंगे और मंडियों के गेट पर किसान लंबी लाइनें लगाने को मजबूर होंगे। हालत ये है कि अभी तक जितना गेहूं मंडियों में आया है, उसका मिलान न होने से किसान परेशान है। फसल की पूरी खरीद नहीं हो पाई। ऊपर से मौसम की मार भी जारी है, इसलिए सरकार को अपने अड़ियल रवैया को छोड़कर किसान हित में सोचना चाहिए और इन नियमों को वापस लेना चाहिए। इस अवसर पर किसान सभा के राज्य महासचिव सुमित दलाल, जिला उपप्रधान प्रीत सिंह, राज्य सचिव राजकरण दलाल, प्रधान सुनील बैनीवाल, रामेश्वर बिरधाना ल, दिलबाग दलाल, रमेश जाखड़, राजेंद्र जुलाना, कैप्टन सतबीर बड़क, एसकेएस प्रधान रामबीर, रिटायर्ड प्राचार्य राजबीर दहिया मौजूद रहे।