नगर परिषद के सफाई कर्मियों ने मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। सफाई कर्मी आम्बेडकर चौक पर एकत्रित हुए और डीसी कार्यालय तक प्रदर्शन कर नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। इकाई प्रधान शिवम चावरिया ने कहा कि संघ व सरकार के बीच कई दौर की वार्ताएं हुई हैं, लेकिन सरकार मानी गई मांगों का समाधान नहीं करती है। सरकार के इस रवैये से प्रदेश के पालिका, परिषदों, नगर निगमों के कर्मचारियों में उदासीनता है। सरकार ने उपेक्षाकृत रवैया अपनाते हुए सफाई व सीवर कर्मचारियों की पक्की भर्ती वर्ष 1997 से वर्ष 2026 तक नहीं की है। सरकार द्वारा ग्रुप डी की भर्ती प्रक्रिया से बाहर रखकर सफाई कर्मचारियों के साथ सामाजिक भेदभाव किया है। सरकार ने सभी सामाजिक भेदभाव की सीमा पार करते हुए सभी कार्यों से ठेका प्रथा समाप्त कर ठेकों मे लगे कर्मचारयों को हरिणा कौशल रोजगार निगम में शामिल कर वेतन बढ़ौतरी व 58 वर्ष नौकरी की गारंटी कर दी जबकि आज भी पालिका परिषद, नगर निगमों में वर्कआउटसोर्स, ऑपरेशनल मैंटीनेंस, डोर टू डोर व अन्य प्रकार के ठेके बादस्तूर जारी है। ठेकेदारों द्वारा सफाई कर्मचारियों का शारीरिक, मानसिक शोषण किया जा रहा है। यही हालात पालिका, परिषद, नगर निगमों के ग्रुप सी व ग्रुप डी के कर्मचारियों की बनी हुई है। लगभग सभी कर्मचारियों के वेतन मानों में भारी वेतन विसंगतियां हैं।