एमडीडी ऑफ इंडिया और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के संयुक्त तत्वावधान द्वारा चलाए जा रहे बाल विवाह मुक्ति रथ के तहत शुक्रवार को बाल विवाह मुक्ति रथ सिकंदरपुर तथा उखलचना, दुलीना चौकी तथा झज्जर शहर में चलाया गया। पुलिस आयुक्त डाक्टर राजश्री सिंह ने कहा कि बाल विवाह कानूनी अपराध है। ग्रामीण क्षेत्रों में और कुछ कालोनियों में लोग अज्ञानता व गरीबी के चलते जल्दी ही कम उम्र में अपने बच्चों की शादी कर देते हैं। मैं सभी से अपील करती हूं कि अपने बच्चों की शादी बालिग होने पर ही करें। न तो हमें कम उम्र में बच्चों की शादी ही करनी चाहिए और न ही किसी भी बाल विवाह में शामिल होना चाहिए। हम आज भी बेटियों को पराया धन मानकर उनकी जल्दी शादी कर देते हैं। हमें अपनी सोच बदलनी होगी और बेटियों को पढ़ा-लिखाकर काबिल बनाना होगा। उन्होंने कहा कि बेटियां भी माता-पिता और देश का नाम रोशन कर रही हैं। जल्दी शादी कर उनके सपनों को ना तोड़े। पुलिस उपायुक्त क्राइम अमित दहिया ने कहा कि बाल विवाह बच्चों का मानसिक विकास रोकता है और उनके मौलिक अधिकारों का हनन है। हम अपने बच्चों की शादी बालिग होने पर ही करें। बेटियों को पढ़ाएं-लिखाए और काबिल बनाएं। उसके बाद ही उनकी शादी करें। इस रथ यात्रा में जिला समन्वयक मनोज कुमार, पैरा लीगल वालेंटियर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कर्मजीत छिल्लर, सामुदायिक सामाजिक कार्यकर्ता संदीप शामिल रहे।