आधार के आधार पर परिवार पहचान पत्र में सत्यापन का काम किया गया, लेकिन अब पात्रों की आधार की बजाय उनके कागजात यानी मार्कशीट व अन्य प्रमाणित दस्तावेजों में दर्ज जन्मतिथि को ही वैध माना जाएगा। इसके लिए परिवार पहचान पत्र प्राधिकरण की तरफ से योजनाओं का लाभ लेने के लिए संबंधित पात्रों को अपने कागजात के आधार पर जन्मतिथि सत्यापन कराने को कहा गया है। ऐसा नहीं करने पर संबंधित पात्र को योजनाओं का लाभ मिलना बंद हो जाएगा। फिलहाल जिन लोगों की पेंशन आधार की जन्मतिथि के आधार पर बनी थी, उनको रोक दिया गया है और पात्रों को अपने दसवीं की मार्कशीट, स्कूल सर्टिफिकेट, पुराना वाेटर कार्ड या पासपोर्ट की कॉपी परिवार पहचान पत्र में अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जन्मतिथि का सत्यापन किया जा सके। ऐसे में सरल केंद्र में परिवार पहचान काउंटरों पर जन्मतिथि ठीक करवाने वालों की लगातार भीड़ बढ़ रही है। सरल केंद्र में परिवार पहचान पत्र में अपनी जन्मतिथि ठीक करवाने के लिए प्रतिदिन 20 से 25 लोग आ रहे हैं, जिनमें अधिकतर बुजुर्ग शामिल हैं, क्योंकि उनकी पेंशन रोक दी गई है। सरल केंद्र में प्रतिदिन लोग अपनी जन्मतिथि ठीक करवाने के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन कागजात अपलोड होने के बाद भी उनमें समय लग रहा है। कई लोगों के पास संबंधित कागजात भी नहीं है, जिस कारण जन्मतिथि ठीक नहीं हो पा रही है।