हाईटेंशन तारों की लाइन को लेकर लघु सचिवालय में किसानों का धरना प्रदर्शन लगातार जारी है। वीरवार को भी जिले के किसान संयुक्त किसान मोर्चा व पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष मंदीप नथवान की अध्यक्षता में एकत्रित हुए। वीरवार को किसानों की मुख्यमंत्री के ओएसडी के साथ बैठक होनी थी, लेकिन किन्हीं कारणों के चलते वह रद्द हो गई। अब यह बैठक किसानों के साथ शुक्रवार को होगी। किसानों का तीन फरवरी से लगातार धरना जारी है। प्रदेश अध्यक्ष मंदीप नथवान ने बताया कि किसानों के खेतों से जारी रही हाईटेंशन तारों की लाइन का सरकार की ओर से मुआवजा मार्केट रेट पर नहीं दिया जा रहा है। किसानों की मांग है कि उन्हें मार्केट रेट पर मुआवजा मिले। सरकार की तरफ से जो मुआवजा दिया जा रहा है, वह बहुत कम है। इससे पहले किसानों ने 26 फरवरी को एक महापंचायत करनी थी, लेकिन जिला उपायुक्त ने कमेटी को बुलाकर 27 फरवरी की बैठक में सीएम के ओएसडी वीरेंद्र बड़खालसा के साथ करवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद कमेटी ने फैसला लिया कि महापंचायत को स्थापित कर दिया जाए। इसके बाद वीरवार को करीब 12 बजे बैठक का समय था, लेकिन करीब 11 बजे बैठक को शुक्रवार के लिए स्थगित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि अगर शुक्रवार को मुख्यमंत्री के ओएसडी के साथ बैठक नहीं हुई तो उनकी कमेटी धरने को बड़ा रूप देने का काम करेंगी। इसके अलावा जहां पर हाईटेंशन तारों की लाइन का काम चल रहा है, वहां पर धरने काे शिफ्ट करेंगे और काम को आगे चलने से मजबूरन रोकना पड़ेगा। इसकी जिम्मेवारी जिला प्रशासन की होगी। बैठक में सुरेश कोंध, धर्मपाल वडाला, सागर राठी, राजेंद्र कोहला, नरेंद्र राठी, ममता कादियान, सुनील माजरा, राकेश आर्य व दीप रंधावा उपस्थित रहें।