पंडित पवन कौशिक ने कहा कि नवरात्र के नौ दिन एक अनुष्ठान के समान होते हैं। दुर्गा पूजा भारतीय सनातन संस्कृति का महत्वपूर्ण पर्व है। भारतीय संस्कृति में मातृशक्ति को ही प्राण शक्ति कहा गया है। आस्था, शक्ति और साधना के प्रतीक चैत्र नवरात्र का शुभारंभ 19 मार्च से होगा। इस दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा कर मनोकामनाएं पूर्ण की जाती हैं। वह सिद्ध श्री 1008 बाबा कांशीगिरि महाराज मंदिर में 295वां सुंदरकांड पाठ एवं भजन संध्या पर श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नवरात्र में फलाहार, कन्या पूजन और अष्टमी, नवमी के दिन विशेष पूजा का बड़ा महत्व होता हैं। मंदिर समिति के मनीष मेहता, सुधांशु हंस ने बताया कि कार्यक्रम में सुंदरकांड वाचक योगेश रंजन, पवन कौशिक, पंकज भारद्वाज, भारत भूषण नंदा, ताराचंद भूटानी, शिवम तनेजा, रमेश लखेरा, केवल अरोड़ा, वर्मा सुभाष श्रद्धालुओं ने संगीतमयी श्री सुंदरकांड पाठ का सामूहिक गायन किया। इस मौके पर हरीश अरोड़ा, ताराचंद भूटानी ने भिखारी सारी दुनिया दाता एक राम देने वाले मेरे राम जी..राजेंद्र वधवा ने बंसी वाले को तुम याद करलो, कष्ट पल में कटेंगे तुम्हारे, उसने करदी नजर जब दया की सारे कंकर बनेंगे सितारे, योगेश रंजन ने शरणागत की लाज श्याम बाबा बचाओं जी, थारी मोर छड़ी लहराओ जी मझधार में बाबा अटकी पड़ी नैया, थे बेड़ो पार करो भजन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। इस दौरान बाबा चालीसा, हनुमान चालीसा, आरती के उपरांत विनोद भूटानी, रमेश लखेरा, राजकुमार चुघ की ओर से शिवम तनेजा ने श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। इस मौके पर मंदिर समिति के पदम् खट्टर, वीके शर्मा, प्रदीप काठपालिया, वंशु वर्मा, अनिल छाबड़ा, विकास नरुला, हेमन्त वर्मा, जय प्रकाश गुप्ता, सक्षम वर्मा, निखिल सलूजा, जगदीश रंजन, प्रदीप उपस्थित रहे।