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झज्जर: बाल विवाह के खिलाफ चलाया गया अभियान

शाहिल शर्मा Updated Sat, 13 Dec 2025 08:17 PM IST

100 दिवसीय अभियान बनाएगा बाल विवाह मुक्त भारत के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर, महिला एवं बाल विकास विभाग, संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी और एमडीडी आफ इंडिया संस्था के संयुक्त तत्वावधान में बरहाणा, कोका गांवों में बाल विवाह मुक्त जिला बनाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया गया। यह अभियान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के सीजेएम विशाल के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है। इसके तहत आज बरहाणा गांव में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा आशा कार्यकर्ताओं को बाल विवाह रोकथाम हेतु जागरूक किया गया। एमडीडी आफ इंडिया से जिला समन्वयक मनोज कुमार, सामुदायिक सामाजिक कार्यकर्ता संदीप ,पुनम डागर ने उपस्थित महिलाओं तथा पुरुषों को बाल विवाह से उत्पन्न होने वाले दुष्परिणामों से अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि बाल विवाह के चलते बालिकाओं का शारीरिक मानसिक आर्थिक व भावनात्मक विकास नहीं हो पाता, जिससे वह बालिकाएं जिनका बाल विवाह होता है। वह विकास रूपी दौड़ में पिछड़ जाती है। पूनम ने कहा कि बाल विवाह का एक कारण लैंगिक असमानता भी है। पितृसत्तात्मक सोच के चलते बालिकाओं के साथ भेदभाव होता है, जो आगे चलकर बाल विवाह का कारण भी बनता है। इसलिए पितृसत्तात्मक सोच पर प्रहार करने की जरूरत है ताकि बालिकाएं अपने जीवन का संपूर्ण विकास कर सकें। पैरा लीगल वालेंटियर कर्मजीत छिल्लर ने बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि बाल विवाह एक कानूनन अपराध है। जो कोई व्यक्ति अपने बच्चों का बाल विवाह करवाता है उसमें उन माता पिता को सजा व जुर्माना दोनों का प्रावधान है। कर्मजीत ने कहा कि मा बाप को अपनी जिम्मेदारी को समझना होगा।

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