आषाढ़ माह के गुप्त नवरात्रि के अष्टमी के दिन बेरी स्थित मां भीमेश्वरी मंदिर में भक्तों का सैलाब उमड़ा। मंदिर में अलसुबह से श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगनी शुरू हो गई थी। बता दें कि न केवल नवरात्र के दौरान अपितु हर माह आने वाली अष्टमी के दिन भक्तजन पूजा अर्चना के लिए यहां आते है। अष्टमी के मौके पर परंपरानुसार भक्तों ने पवित्र सरोवर से मिट्टी निकालकर स्नान करके अपने परिवार की मंगल कामना की। अलसुबह करीब पांच बजे मां भीमेश्वरी की प्रतिमा को भीतर वाले भवन से बाहर वाले भवन लाया गया, जहां वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच मां का स्नान हुआ और भक्तों ने मंगला आरती की। मां भीमेश्वरी के दर्शनों का यह सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। नवविवाहित जोड़ों ने गठजोड़े की जात लगाकर और नवजात बच्चों के बाल उतरवाकर भक्तों ने पूजा की, जहां पुजारी ने मंत्रोच्चारण के साथ स्नान करवाया उसके बाद मंगला आरती करके मां के दर्शन भक्तों के लिए खोल दिए गए। बाहर वाले भवन में मां के दर्शनों का सिलसिला दोपहर तक जारी रहा। पुजारी कुलदीप वशिष्ठ ने बताया कि गुप्त नवरात्र में देवी की अराधना का अलग महत्व होता है। उन्होंने बताया कि वर्ष में दो बार गुप्त नवरात्र आते है।