अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतेंद्र सिंह ने वीरवार को हिसार में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वनवासी क्षेत्रों में बहुत से लोगों का धर्मांतरण किया जा रहा है। धर्मांतरण करने वाले लोगों को एसटी आरक्षण का लाभ नहीं मिलना चाहिए। इसलिए डीलिस्टिंग की मांग की जा रही हैश्र डीलिस्टिंग के लिए जनजातीय सुरक्षा मंच कई वर्षों से अभियान चलाए हुए है। उन्होंने कहा कि धर्मांतरित वनवासी अपनी मूल परंपराओं व सनातन संस्कृति को छोडक़र दोहरा लाभ उठा रहे हैं। इसलिए धर्मांतरण करने वालों को अनुसूचित जनजाति की सूची से बाहर करना नितांत आवश्यक है। सतेंद्र सिंह ने बताया कि डीलिस्टिंग की मांग को लेकर 24 मई को जनजातीय सुरक्षा मंच के तत्वावधान में दिल्ली के लाल किला मैदान में आंदोलन भी किया जाएगा। इसमें देशभर के वनवासी क्षेत्रों से लोग हिस्सा लेंगे। आंदोलन में हरियाणा, पंजाब व दिल्ली की विशेष भूमिका रहेगी। उन्होंने बताया कि 24 मई को यह आंदोलन जनजातीय आध्यात्मिक संगम के रूप में मनाया जाएगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष सतेंद्र सिंह ने बताया कि वनवासी कल्याण आश्रम ने देश के दूरदराज के जंगलों और जनजातीय क्षेत्रों में स्थित 64 हजार से अधिक गांवों तक अपनी पहुंच बना ली है। संगठन का उद्देश्य 12 करोड़ से अधिक वनवासियों तक पहुंचना है। अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के संरक्षक सौम्या जुलू ने कहा कि वनवासी कल्याण आश्रम शिक्षा प्रसार कार्यक्रम, जनजातीय विद्यार्थियों के लिए छात्रावास, दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं, आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के लिए प्रयासरत है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रामबाबू सिंगल व जयभगवान ने बताया कि वनवासी कल्याण आश्रम देशभर के वनवासी क्षेत्रों में रहने वाले बंधुओं को समाज की मुख्यधारा से जोडऩे के लिए प्रयासरत है। इस अवसर पर जिला सचिव अजय सैनी, कोषाध्यक्ष पर्व गुप्ता, उपाध्यक्ष बजरंग व ईश्वर सैनी, सह सचिव पवन राड़ा, कार्यकारिणी सदस्य मनीष बिंदल, सहित अन्य उपस्थित रहे।