हिसार के अग्रसेन भवन में 27 मार्च से 6 अप्रैल तक आयोजित किए जा रहे अखिल भारतीय किन्नर सम्मेलन किन्नर चांदनी जायसवाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन कानून जल्दबाजी में बनाया है। किन्नर को ही मेडिकल कराने के लिए मजबूर क्यों किया जा रहा है। किसी महिला से सर्टिफिकेट नहीं मांगा जाता किसी पुरुष से सर्टिफिकेट नहीं मांगा जाता तो हमसे क्यों मांगा जा रहा है। इस बिल के विरोध में 6 अप्रैल को दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे। हिसार में मीडिया से बातचीत करते हुए दिल्ली से आई किन्नर चांदनी जायसवाल ने कहा कि रातों रात ट्रासजेंडर बिल लाया गया है। हम इस बिल को सिरे से खारिज करते हैं। सरकार चाहे तो इस बिल को वापस ले सकती है। ट्रांसजेंडर व्यक्तियों (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन विधेयक 2026 के विरोध में रविवार को जंतर-मंतर पर ट्रांसजेंडर समुदाय और अधिकार कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में जेएनयू छात्र संघ और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन सहित कई छात्र संगठनों ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक अधिकारों की रक्षा करने के बजाय उन्हें और सीमित करता है। समाज का यह हिस्सा पहले से ही हाशिए पर है और नए बदलाव भय का माहौल पैदा कर रहे हैं। 'नई परिभाषा' के नाम पर मौलिक अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है, जिसका सबसे बुरा असर ग्रामीण क्षेत्रों के ट्रांसजेंडर व्यक्तियों पर पड़ेगा। सभी कानूनों में समुदाय को स्पष्ट मान्यता और गरिमापूर्ण पहचान सुनिश्चित की जाए। उत्तराखंड की पहली टीवी फेस रहीं ज्वालापुर हरिद्वार से आईं मोनिका ने कहा कि आयोजन के अंतिम दिन नए कानून के खिलाफ दिल्ली जाकर जंतर मंतर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।