जिला ग्रामीण महिला कांग्रेस अध्यक्षा संतोष जून ने बुधवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि 2015 में हरियाणा की धरती से प्रधानमंत्री की ओर से दिया गया बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा आज केवल जुमला बनकर रह गया है। देशभर में महिलाओं और नाबालिग बेटियों के साथ बढ़ते दुष्कर्म एवं यौन उत्पीड़न के मामले बेहद शर्मनाक और चिंताजनक है। इन मामलों में कई बार सत्ता से जुड़े लोगों के नाम सामने आते हैं, लेकिन समय पर ठोस कार्रवाई नहीं होती। इससे अपराधियों के हौसले बुलंद होते हैं, पीड़ितों को न्याय के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ता है। कांग्रेस भवन में मीडिया से बातचीत में जिला अध्यक्ष संतोष जून,उपाध्यक्ष सरोज श्योराण, कांता सैनी, शांति देवी, शकुंतला देवी,कृष्णा दुग्गल ने कहा कि कर्नाटक का प्रज्वल रेवेन्ना मामला, गोवा में नाबालिग बच्चियों के शोषण के आरोप तथा उत्तराखंड का अंकिता भंडारी हत्याकांड जैसे घटनाक्रम पूरे देश को झकझोरने वाले हैं। इन मामलों में भी न्याय मिलने में देरी और सत्ता के प्रभाव के आरोप सामने आए। एक खतरनाक पैटर्न बनता जा रहा है, जिसमें महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को नजरअंदाज किया जा रहा है। हरियाणा में भी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर स्थिति संतोषजनक नहीं है। कई जनप्रतिनिधियों पर आपराधिक मामले लंबित हैं। जिससे राजनीतिक और सामाजिक जवाबदेही पर प्रश्नचिन्ह लगता है। महिला कांग्रेस की टीम ने महिलाओं की सुरक्षा, बढ़ती महंगाई, तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसे मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की ।महिला पदाधिकारियों ने इन विषयों को मजबूती से उठाने का संकल्प लिया। अंत में जिला अध्यक्षा संतोष जून ने कहा कि महिला कांग्रेस महिलाओं की आवाज को हर स्तर पर बुलंद करती रहेगी और अन्याय के खिलाफ मजबूती से संघर्ष जारी रखेगी।