चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय साइंस कॉन्क्लेव 2025-26 के समापन मौके पर मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. बीआर कांबोज ने कहा कि वैज्ञानिकों के शोध लैब से लैंड तक पहुंचने चाहिए। प्रयोगशालाओं में विकसित ज्ञान, तकनीक और नवाचार केवल शोध-पत्रों तक सीमित न रहकर सीधे किसानों, उद्योगों और समाज के उपयोग में आएंगे। किसानों की आय में वृद्धि, समस्याओं का व्यावहारिक समाधान तथा सतत कृषि को बढ़ावा मिलेगा। हरियाणा स्टेट काउंसिल फॉर साइंस इन्नोवेशन एंड टेक्नोलॉजी के सहयोग से मौलिक विज्ञान एवं मानवीकी महाविद्यालय में एग्री साइंस इन्नोवेशन फॉर सस्टेनेबल फ्यूचर विषय पर आयोजित कार्यक्रम के समापन अवसर पर कुलपति प्रो. बीआर कांबोज ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, घटते जल संसाधन, मृदा की उर्वरता में कमी और उत्पादन लागत में वृद्धि मुख्य चुनौती हैं। इन चुनौतियों का समाधान विज्ञान-आधारित नवाचार, तकनीकी उन्नति और शोध से होगा। जलवायु-लचीली किस्मों का विकास, प्राकृतिक संसाधन संरक्षण तकनीकें, सटीक कृषि, ड्रोन एवं डिजिटल कृषि जैसी आधुनिक विधियां विकसित करनी होंगी।