पूर्व वित्त मंत्री प्रो. संपत सिंह ने गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की वित्तीय स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए उसके अस्तित्व को खतरा बताया। उन्होंने खुलासा किया कि जीजेयू वर्तमान में 294.92 करोड़ के भारी बजट घाटे से जूझ रही है। जिसमें वित्तीय वर्ष 2024-25 के संशोधित अनुमानों के अनुसार 71.21 करोड़ बजट घाटा भी शामिल हैं। 2023-24 में प्रदेश सरकार ने विश्वविद्यालय को 140 करोड़ अनुदान सहायता राशी प्रदान की थी। प्रदेश सरकार विधानसभा समिति से इसकी जांच कराए।महालेखाकार (लेखा परीक्षा) किसी वरिष्ठ अधिकारी से इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए कि आखिर ऐसी स्थिति तक क्यों पहुंचे। उन्होंने कहा कि इस बारे में राज्यपाल को पत्र लिखकर जांच की मांग करेंगे। पूर्व वित्त मंत्री संपत सिंह ने बुधवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि राज्य सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए अपने बजट में केवल 95 करोड़ ऋण का आवंटन किया है। 2025-26 में विश्वविद्यालय का कुल अनुमानित राजस्व केवल 194.11 करोड़ है। इसमें आंतरिक प्राप्तियां, दूरस्थ शिक्षा और स्व-वित्तपोषण कार्यक्रमों से आय और राज्य -केंद्र सरकार व उनकी संस्थाओं से अनुदान भी शामिल हैं। आय बढ़ाने के लिए शुरू की गई स्व-वित्तपोषण योजनाओं से इस वर्ष केवल 21.11 करोड़ रुपये की आय होने की उम्मीद है, जबकि इसी योजनाओं में 41.45 करोड़ रुपये का अनुमानित व्यय है।