पुराना राजकीय महाविद्यालय में आयोजित स्वदेशी मेला के दूसरे दिन मुख्य अतिथि पीडब्ल्यूडी मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने कहा कि वोकल फॉर लोकल का संदेश आज एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है। स्थानीय उत्पाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना रहे हैं। स्वदेशी अपनाने से जहां रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। वहीं ग्रामीण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन स्थानीय उत्पादकों को सीधा बाजार उपलब्ध कराते हैं और आमजन को स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने युवाओं और विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे स्वदेशी को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं और स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि जब हर नागरिक लोकल के लिए वोकल बनेगा, तभी देश सच्चे अर्थों में आत्मनिर्भर बनेगा। कार्यक्रम के अंत में कैबिनेट मंत्री ने आयोजकों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी और कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के स्वदेशी मेलों के आयोजन से आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को और अधिक बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार आत्मनिर्भर भारत अभियान, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, मुद्रा योजना, स्टैंड-अप इंडिया और पीएम विश्वकर्मा योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से छोटे उद्योगों, कारीगरों और युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य स्थानीय प्रतिभा को प्रोत्साहित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि देश की आर्थिक प्रगति में हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। स्वदेशी मेले में खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पाद, हस्तशिल्प, आयुर्वेदिक व प्राकृतिक वस्तुएं, स्थानीय खाद्य सामग्री सहित अनेक स्वदेशी उत्पाद प्रदर्शित किए गए।