पूर्व सांसद सुभाषिनी अली सहगल ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार महिलाओं का सम्मान नहीं करती । महिलाओं से दुष्कर्म के दोषी राम रहीम को सरकार बार बार पेरोल पर बाहर लाती है। वह बाहर आकर सरकार के लिए वोट मांगने का काम करता है। हरियाणा प्रदेश की सरकार महिला से छेडछाड़ के आरोपी को मंत्री पद पर बना कर रखती है। पिछले 11 साल से देश में शिक्षा पर भी हमला बोला जा रहा है। करीब 90 हजार स्कूल बंद कर दिए गए हैं। आम लोगों को शिक्षा से दूर करने का षडयंत्र किया जा रहा है। सुभाषिनी अली सहगल ने कहा कि जनता की समस्याएं हल करने की बजाय सरकार आस्था और धर्म के नाम पर नफरत का माहौल बना रही है। इसका विरोध करना होगा। इसको लेकर जनवादी महिला समिति की ओर से देश भर में जत्थे निकाले जा रहे हैं। जिसमें हरियाणा में निकाले गए जत्थे का समापन हुआ है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस जनकल्याण समिति और स्वतंत्रता सेनानी विशाल सिंह के बेटे चांदीराम, स्वतंत्रता सेनानी नेतराम के पौत्र कृष्णा सांवत, स्वतंत्रता सेनानी हजारी घायल के पौत्र सतबीर सिंह धायल ने सुभाषिनी का स्वागत किया। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के आंदोलनकारी छात्रों ने उन्हें ज्ञापन सौंपा। सुभाषिनी के साथ जनवादी महिला समिति की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जगमति सांगवान, राज्य महासचिव उषा सरोहा, राज्य अध्यक्ष सविता, कोषाध्यक्ष अमिता, पूर्व राज्य महासचिव राजकुमारी दहिया, राज्य कमेटी सदस्य अंजू और मुनमुन ने भी जत्थे का नेतृत्व किया। राज्य महासचिव उषा सरोहा ने कहा कि इस जत्थे का उद्देश्य गीत, नाटक, नृत्य, नारे, साहित्य आदि के माध्यम से नशाखोरी, बेरोजगारी, अंधविश्वास, सामाजिक भेदभाव, जातिवाद और सांप्रदायिकता के खिलाफ जागरूकता पैदा करना था।