हेड कांस्टेबल अनिता ने छात्राओं को कहा कि अगर कोई आपको किसी भी तरह से परेशान करे, आपसे छेड़छाड़ करे तो उसके खिलाफ आवाज उठाएं। महिला थाने के भ्रमण पर पहुंचीं छात्राओं को कहा कि पुलिस से डरने की जरूरत नहीं, बल्कि उसे अपना दोस्त समझें। पुलिस अपराधियों को पकड़ने के लिए बनी है। किसी भी आपात स्थिति में 112 नंबर को याद रखें। आप 112 नंबर पर कॉल करेंगे तो 10 मिनट के अंदर पुलिस आप तक पहुंचेगी। अमर उजाला फाउंडेशन के दोस्त पुलिस कार्यक्रम के तहत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तलवंड़ी रुक्का की 48 छात्राओं ने महिला थाने का दौरा किया। पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को आत्मरक्षा, सुरक्षा उपायों व कानून से जुड़ी जानकारी दी। छात्राओं को थाने के शिकायत कक्ष, हवालात, महिला हेल्प डेस्क और कार्यालय का अवलोकन करवाया गया। महिला थाना में तैनात हेड कांस्टेबल अनिता ने छात्राओं को बताया कि थाने में प्रवेश के बाद रजिस्टर में एंट्री कैसे की जाती है, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया क्या है और पुलिस आपात स्थिति में कैसे तुरंत सहायता उपलब्ध कराती है। सेल्फ डिफेंस हर लड़की में आत्मविश्वास बढ़ाता है। पुलिस 24 घंटे महिलाओं की सुरक्षा के लिए उपलब्ध है और किसी भी परेशानी में तुरंत मदद ली जा सकती है। इस मौके पर रिटेल टीचर मंजू,आईटी टीचर सविता, कंप्यूटर लैब सहायक सत्यवान उपस्थित रहे। ------------- जिला मुख्यालय पर बने वन स्टॉप सेंटर में लें आश्रय. जिला संरक्षक एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी बबीता चौधरी ने कहा कि जरूरत पड़ने पर महिलाएं जिला मुख्यालय पर 24 घंटे खुले वन स्टॉप सेंटर में आश्रय ले सकती हैं। उन्होंने छात्राओं को 112, 1098 और 1090 जैसे हेल्पलाइन नंबर याद रखें। सोशल मीडिया का उपयोग सोच-समझकर करें। यदि कोई व्यक्ति गलत तरीके से छुए या अभद्र भाषा का प्रयोग करे तो तुरंत परिजनों या पुलिस को बताएं। इस बारे में अपने शिक्षकों को भी अवगत करा सकती हैं। महिला शिक्षक सविता ने कहा कि किसी भी लड़की को अपनी बात कहने से कभी डरना नहीं चाहिए। महिला थाना में पहुंची स्कूली छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई। उन्होंने घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, यौन उत्पीड़न व अपहरण जैसे अपराधों की शिकायत प्रक्रिया तथा कानूनी कार्रवाई के बारे में विस्तार से बताया। छात्राओं को जरूरी मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराए गए।