हरियाणा अनुसूचित आयोग के चेयरमैन रविंद्र बलियाला ने कहा कि पुलिस अधिकारी संवदेनशीलता के साथ काम करें। किसी भी केस को खारिज करने से पहले सभी पक्षों को सुनने के बाद ही अंतिम निर्णय करें। वह हिसार पहुंचने पर लघु सचिवालय के सभागाकर में आयोग के समक्ष रखे गए केसों की सुनवाई कर रहे थे। इस दौरान आयोग ने हिसार के 37 तथा हांसी पुलिस क्षेत्र के 4 केसों की सुनवाई की, जिसमें 20 से अधिक मामलों में समझौता हो चुका था या मामले को खारिज किया जा चुका था। आयोग के चेयरमैन रविंद्र बलियाला ने कहा कि पुलिस अधिकारी संवदेनशीलता के साथ काम करें। किसी भी केस को खारिज करने से पहले सभी पक्षों को सुनने के बाद ही अंतिम निर्णय करें। एसपी शशांक कुमार सावन ने कहा कि अनुसंधान अधिकारी सभी तथ्यों की पड़ताल करें। दोनों पक्षों को सुनें। गवाहों व मौजिज लोगों के बयान भी दर्ज करें। पूरी प्रक्रिया के बाद ही जांच को पूरा करें। किसी तरह की जल्दी न करें। इस दौरान गांव डाबड़ा से आई महिला आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए रो पड़ी। शिकायतकर्ता महिला ने सुबकते हुए कहा - साहब मेरा बेटा तो आत्महत्या कर दुनिया छोड़ गया। उसको आत्महत्या के लिए मजबूर करने वालों पर कार्रवाई कर हमें न्याय दिला दो।