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मनरेगा कानून में किए गए बदलाव के विरोध में हिसार में कांग्रेस ने किया उपवास

नवीन दलाल Updated Sun, 11 Jan 2026 02:47 PM IST

भाजपा सरकार की तरफ से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) कानून में किए गए बदलावों के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने रविवार को गांधी चौक पर सत्याग्रह एवं उपवास किया। इस मौके पर पार्टी के नेताओं ने कहा कि इस कानून में बदलाव से ग्रामीण क्षेत्र में बसने वाले लोग पलायन को मजबूर होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सांसद जयप्रकाश ने कहा कि सरकार ने तानाशाही रवैया अपनाकर मनरेगा का नाम बदलकर महात्मा गांधी के सिद्धांतों, उनकी आत्मा व उनके संघर्ष को मिटाने व खत्म करने का प्रयास किया है। भाजपा की तरफ से लोकसभा में पास किए गए विकसित भारत रोजगार जी राम जी बिल के खिलाफ कांग्रेस पार्टी यह भूख हड़ताल की है। भाजपा ने मनरेगा को खत्म कर ग्रामीण आंचल को मिलने वाली गांरटी को खत्म करने का पहला कदम है। रोजगार की गारंटी खत्म होने से गांव में बसने वाले गरीब मजदूर व किसान भूखे मरने की कगार पर पहुंच जाएंगे और इसके दूरगामी परिणाम होंगे कि ग्रामीण क्षेत्र में बसने वाले लोग पलायन करने पर मजबूर होंगे। जब तक इस बिल को वापस नहीं लिया जाता, तब तक कांग्रेस पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा। प्रदेश सीनियर प्रवक्ता व जिला शहरी अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा कि वर्ष 2006 में कांग्रेस सरकार के दौरान मनरेगा अधिनियम पास किया गया था। इस कानून के लागू होने से ग्रामीण मजदूरों को रोजगार का कानूनी अधिकार मिला और मजदूरी की गारंटी शुरू हुई। मनरेगा कानून में बदलाव कर उसका नाम बदल दिया गया है, जो भाजपा की सोच और नीयत को दर्शाता है। इस अवसर आदमपुर विधायक चन्द्र प्रकाश, नारनौंद विधायक जस्सी पेटवाड़, उकलाना विधायक नरेश सेलवाल, सुमन शर्मा, संतोष जून, पार्षद सत्यवान पान्नू आदि मौजूद रहे।

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