राजगढ़ रोड स्थित गुरु गोरखनाथ जी राजकीय महाविद्यालय शनिवार को केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि यादों का जीवंत संसार बन गया। स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने पर आयोजित डायमंड जुबली समारोह में 1950 से 2020 तक की पीढ़ियां एक मंच पर एकत्र हुईं। वर्षों बाद अपने कॉलेज लौटे पूर्व छात्रों और सेवानिवृत्त शिक्षकों की आंखों में खुशी, गर्व और अपनापन साफ झलक रहा था। गले मिलते लोग, पुरानी तस्वीरें और बीते दिनों की बातें माहौल को भावुक बना रही थीं। सुबह 9 बजे से ही कॉलेज परिसर में पूर्व छात्रों का आगमन शुरू हो गया। जैसे ही किसी ने पुराने मुख्य द्वार से प्रवेश किया, छात्र जीवन की यादें ताजा हो गईं। कोई अपनी पुरानी कक्षा को निहारता रहा, तो कोई कैंपस के कोने-कोने में खुद को तलाशता दिखा। वर्षों बाद मिले मित्र एक-दूसरे से लिपट पड़े। कई की आवाज भर्रा गई और आंखें नम हो उठीं। कॉलेज प्रशासन की ओर से पूर्व छात्रों और सेवानिवृत्त शिक्षकों के लिए विशेष पंजीकरण काउंटर बनाए गए थे। पंजीकरण के दौरान एलुमनी किट और पहचान पत्र वितरित किए गए। पूरे परिसर को फूलों और सजावटी सामग्री से सजाया गया था। समारोह के सफल आयोजन के लिए 33 समितियों का गठन किया गया, जबकि एनसीसी और एनएसएस के 150 स्वयंसेवक व्यवस्थाओं में जुटे रहे। गर्ल्स लॉन में लगी 75 वर्षों की ऐतिहासिक फोटो प्रदर्शनी समारोह का केंद्र बनी रही। करीब 3000 दुर्लभ तस्वीरों में कॉलेज की यात्रा, उपलब्धियां और यादगार पल संजोए गए थे। पूर्व छात्र अपनी तस्वीरें पहचानकर ठहर जाते और भावुक होकर पुराने साथी को आवाज देते नजर आए।