गांव में 70 प्रतिशत गलियों का निर्माण करवाया जा चुका है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) भी बनकर तैयार है। यह कहना है गांव सातरोड कलां के सरपंच प्रदीप पूनिया का। सरंपच के मुताबिक गांव में पेयजल की समस्या उनका चुनावी मुद्दा था जिसका काफी हद तक समाधान किया जा चुका है। अमर उजाला ने अपने अभियान मेरा गांव मेरी शान के तहत गांव के सरपंच से उनके अब तक के कार्यकाल में करवाए गए विकास कार्यों के संबंध में बातचीत की। सरपंच प्रदीप पूनिया ने बताया कि फिलहाल गांव में पशु अस्पताल और पुस्तकालय में भी काम चल रहा है। पानी निकासी की व्यवस्था पर कहा कि पिछली बार में गांव में काफी जलभराव हुआ था। अब गांव में जलभराव से निपटने की व्यवस्था की जा रही है। प्रदीप पूनिया का कहना है कि अब मेरे कार्यकाल का डेढ़ साल बचा है। आगे जिस हिसाब से भी ग्रांट मिलेगी, उस हिसाब से विकास कार्य करवाए जाएंगे। सरपंच ने बताया कि जिन चुनावी मुद्दों पर मैंने चुनाव लड़ा था उनमें पेयजल समस्या का मुद्दा था। गांव के कुछ एरिया व कॉलोनियों में पानी नहीं पहुंचता था। कुछ कॉलोनियों में पेयजल पहुंचाने के लिए बूस्टिंग स्टेशन के निर्माण की जरूरत है। इसके लिए कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा के सामने भी यह मांग रखी जा चुकी है।