रतिया में पराली जलाने पर दो किसानों पर मामला दर्ज होने के बाद पुलिस द्वारा उन्हें गिरफ्तार करने का दबाव बनाने पर आक्रोशित किसान शहर थाने पहुंचे। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के नेतृत्व में आए किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर किसी भी किसान को गिरफ्तार किया गया तो वे सामूहिक गिरफ्तारियां देंगे। यूनियन के जिला प्रधान निर्भय सिंह ने कहा कि किसानों को गिरफ्तार करने के लिए उनमें डर बनाया जा रहा है, जैसे वो कोई बड़े अपराधी हो। पराली जलाने के मामले में अगर किसी भी किसान की गिरफ्तारी हुई तो भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां इसका कड़ा विरोध करते हुए सामूहिक गिरफ्तारियां देगी। शहरी प्रधान कर्मा सिंह की अगुवाई में शहर थाना प्रभारी से मुलाकात करने की कोशिश की, लेकिन उनकी अनुपस्थिति में किसानों ने वहां मौजूद पुलिस अधिकारी से मुलाकात कर कहा कि जरूरत पड़ी तो शहर थाने का घेराव कर धरना भी दिया जाएगा। इस मौके पर किसान गुरप्रीत सिंह, मनिंदर सिंह, गमदूर सिंह, भोला सिंह, कुलवंत सिंह, माशा चनकोठी, काला सिंह, कर्मा सिंह, दर्शन सिंह सहित कई किसान मौजूद रहे। ------- पुलिस की कार्यप्रणाली का विरोध जताया यूनियन से जुड़े किसानों ने शहर थाने में जाने से पूर्व किसान रेस्ट हाउस में बैठक करके शहर पुलिस की कार्यप्रणाली पर रोष जताया। जिला प्रधान निर्भय सिंह ने कहा कि पराली जलाने वाले जिन किसानों पर पुलिस द्वारा मामला दर्ज किया गया है, उनको गिरफ्तार करने को लेकर लगातार परेशान किया जा रहा है। यूनियन लगातार प्रशासन व सरकार से मांग कर रही थी कि सरकार पराली की समस्या का समाधान करें ताकि किसान आग न लगाएं। सरकार पराली की समस्या का समाधान करने के बजाय उल्टा किसानों पर केस डाल कर उन्हें मुजरिम बना रही है। खेतों में जाकर किसानों को डराया जा रहा है। किसान बिजाई का सीजन होने के चलते गेहूं की फसल बोने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस क्षेत्र में बढ़ रहे नशा तस्कर और अपराधियों को पकड़ने का काम करें, किसानों को परेशान करना बंद करें। ------- पिछले दिनों सीएम के ओएसडी को भी सौंपा था ज्ञापन जिला प्रधान निर्भय सिंह ने बताया कि पिछले दिनों संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले कुरुक्षेत्र में मुख्यमंत्री नायब सैनी से मिलने गए थे। किसानों को अनाज मंडियों में फसलों का एमएसपी दिलवाने, डीएपी खाद की कालाबाजारी रोकने, पराली जलाने पर किसानों पर मुकदमा दर्ज करने के फरमान को वापस लेने के लिए मुख्यमंत्री के ओएसडी को लिखित मांग पत्र सौंपा था। संयुक्त किसान मोर्चा ने ऐलान किया था कि अगर पूरे प्रदेश में किसी भी किसान की गिरफ्तारी हुई तो मोर्चा आंदोलन करेगा और सामूहिक गिरफ्तारियां देंगे।