भारतीय जनता पार्टी ने साधारण चुनाव की मर्यादा को भी तार तार कर दिया है यह बात पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह ने टोहाना के गांव समैन में सद्भावना यात्रा के दौरान संबोधित करते हुए कही। पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह की सद्भावना यात्रा के दौरान कांग्रेस के विभिन्न गुटों से नेताओं की दूरी देखने को मिली। इस दौरान टोहाना से विधायक परमवीर सिंह के भतीजे दिलशेर सिंह ने यात्रा का टोहाना विधानसभा में पहुंचने पर स्वागत किया जबकि हुड्डा गुट से पूर्व विधायक निशान सिंह, पूर्व जिला परिषद फतेहाबाद चेयरमैन प्रतिनिधि कृष्ण नांगली, हरपाल बुढ़ानिया बाबा महंत भोलेनाथ, कुमारी शैलजा और सुरजेवाला गुट से बलजिंदर सिंह कार्यक्रम में नहीं दिखे। इस दौरान बृजेंद्र ने कहा किराज्यसभा चुनाव के दौरान मतदान करते समय जिस व्यक्ति की नियत गलत हो, तो ही गलती हो सकती है। पूर्व सांसद ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में पता नहीं कैसे बच गई कांग्रेस, बीजेपी ने हद कर रखी थी बिल्कुल ही, कांग्रेस को राज्यसभा चुनाव में 30 वोट चाहिए थे जबकि उनके पास 37 विधायक थे लेकिन बीजेपी इतनी निर्ल्लजता और बेशर्मी के साथ सत्ता पर जकड़ बनाकर बैठी हुई है। एक साधारण चुनाव की मर्यादा को भी तार तार करके रख दिया है, यही चुनाव महाराष्ट्र में भी हुए हैं जहां पर 8-9 पार्टियां है लेकिन वहां सर्व समिति से चुनाव हुए हैं। हमारे यहां पर हरियाणा में 30 सीट पर एक राज्यसभा सदस्य बनता है लेकिन बीजेपी ने पूरा धनबल, प्रलोभन और हर चीज का प्रयोग किया गया यह तो किसी की कृपा दृष्टि हो गई कि बीजेपी का एक वोट कैंसिल हो गई इन्होंने तो अपनी तरफ से काम कर दिया था, बृजेंद्र सिंह ने कहा कि यहां तो 9 वोट जिसमें से 5 बीजेपी को चली गई जिसमें चार कैंसिल हो गई यहां भाजपा के सिर्फ संजय भाटिया नहीं सतीश नांदल भीम के उम्मीदवार थे, वह कहने को आजाद प्रत्याशी थे लेकिन इससे पहले वह बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष पद पर रहे इसलिए उन्हें आजाद प्रत्याशी कैसे कह सकते हैं। बृजेंद्र सिंह ने कहा कि एक वोट बीजेपी विधायक की कैंसिल हो गई और वह भी इसलिए कैंसिल करवाई क्योंकि मामला चुनाव आयोग के पास मामला चला गया था।