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निजीकरण व पृथक कृषि डिस्कॉम के विरोध में फतेहाबाद बिजली कर्मचारियों व इंजीनियरों का प्रदर्शन

हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा की जॉइंट एक्शन कमेटी के आह्वान पर बुधवार को फतेहाबाद सर्कल स्तर पर बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के उपरांत कर्मचारियों ने डीसी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर सरकार के फैसलों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व इंजीनियर्स एसोसिएशन से वरुण मेहता, हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड वर्कर्स यूनियन के सर्कल सचिव फकीर चंद सैनी, ऑल हरियाणा पावर कारपोरेशन वर्कर्स यूनियन के सर्कल सचिव भूप सिंह भडोलावाली, एचपीसी एससी/एसटी एवं बीसी वर्कर्स यूनियन के सर्कल सचिव पवन सैलवाल तथा ने संयुक्त रूप से किया। मंच का संचालन रामनिवास, दिवान सिंह और अनीश कुमार ने किया। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कर्मचारी नेताओं ने कहा कि नूंह और गुरुग्राम में समानांतर लाइसेंस देने की प्रक्रिया, कृषि क्षेत्र के लिए अलग एग्री डिस्कॉम का गठन और स्मार्ट मीटरिंग व्यवस्था वास्तव में बिजली विभाग के निजीकरण की ओर बढ़ाए गए कदम हैं। नेताओं का कहना था कि गुरुग्राम क्षेत्र से बिजली वितरण निगम को सालाना करीब 10 हजार करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है, जबकि पूरे निगम का कुल राजस्व 19 हजार करोड़ रुपये है। गुरुग्राम में समानांतर लाइसेंस देकर निजी कंपनियों को तैयार ढांचा सौंपा जा रहा है, जिससे भविष्य में आम उपभोक्ताओं और किसानों को मिलने वाली क्रॉस सब्सिडी समाप्त हो जाएगी और बिजली की दरें बढ़ेंगी। कर्मचारी संगठन ने नए कृषि वितरण निगम यानि एग्री डिस्कॉम के गठन का विरोध करते हुए कहा कि इससे प्रदेश के 7,17,247 किसान प्रभावित होंगे और इस नए निगम पर पहले दिन से ही 5,427 करोड़ रुपये का घाटा रहेगा। जब राज्य में वर्ष 2010 से ही कृषि के लिए पृथक फीडर बनाकर बिजली आपूर्ति की व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है, तो नया निगम गठित करने का कोई औचित्य नहीं है। संघर्ष समिति ने आंदोलन के अगले चरणों की घोषणा करते हुए चेतावनी दी कि 3 से 5 अगस्त तक सभी यूनिट स्तर पर तथा 6 से 8 अगस्त तक उपमंडल स्तर पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद भी यदि सरकार ने निर्णय वापस नहीं लिया, तो 11 से 13 अगस्त तक तीन दिवसीय प्रदेशव्यापी हड़ताल की जाएगी। साथ ही ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि यदि सरकार ने पृथक कृषि डिस्कॉम से संबंधित कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी की, तो इसे बिना किसी पृथक सूचना के अनिश्चितकालीन हड़ताल का अग्रिम नोटिस समझा जाए। विरोध सभा को राजकुमार, अमित कुमार शर्मा, खुर्शीद, जगमिंदर सिंधु, सत्यवान, हरिकशन कंबोज, कुलवंत सिंह भिंडर, विजयपाल जाखड़, शमशेर पूनिया, सुरजीत दुसाद और राजेश राठी समेत अनेक कर्मचारी नेताओं ने संबोधित किया।

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