देश के संविधान के विरुद्ध भारत में ‘आपातकाल के 50 वर्ष’ पूरे होने पर आज बीजेपी जिला कार्यालय फतेह कमल में ‘संविधान हत्या दिवस’ मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में अम्बाला से भाजपा के लोकसभा प्रत्याशी बंतों कटारिया व पंचकूला के पूर्व जिलाध्यक्ष दीपक शर्मा ने शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा के जिलाध्यक्ष एडवोकेट प्रवीण जोड़ा ने की। मंच पर मुख्य रूप से फतेहाबाद के पूर्व विधायक दूड़ाराम, कार्यक्रम के संयोजक एवं पूर्व जिलाध्यक्ष स. बलदेव सिंह ग्रोहा, हरियाणा सरकार में चेयरमैन भारत भूषण मिड्ढ़ा, जिला महामंत्री जंगजीत हुड्डा व पूर्व मंडल अध्यक्ष शम्मी ढींगड़ा मौजूद रहे। जिलाध्यक्ष एडवोकेट प्रवीण जोड़ा ने आए हुए नेताओं का फतेहाबाद पहुंचने पर स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान स्वतंत्रता सेनानियों व उनके परिजनों को शॉल पहनाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में प्रैस वार्ता को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता बंतों कटारिया ने कहा कि आपातकाल कोई राष्ट्रीय आवश्यकता नहीं, बल्कि कांग्रेस और एक व्यक्ति की लोकतंत्रविरोधी मानसिकता का परिचायक था। प्रेस की स्वतंत्रता कुचली गई, न्यायपालिका के हाथ बांध दिए गए और सामाजिक कार्यकर्ताओं को जेल में डाला गया। देशवासियों ने ‘सिंहासन खाली करो’ का शंखनाद किया और तानाशाही कांग्रेस को उखाड़ फेंका। मुख्य वक्ता दीपक शर्मा ने कहा कि आपातकाल की घोषणा तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 25 जून 1975 को आधी रात आकाशवाणी पर की थी। आपातकाल भारत के स्वतंत्रता के बाद के इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक है। इस दौरान नागरिकों के मौलिक अधिकारों को निलंबित कर दिया गया।